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पवित्र कुरान सूरा अल-गाफिर आयत ११

Qur'an Surah Ghafir Verse 11

अल-गाफिर [४०]: ११ ~ कुरान अनुवाद शब्द द्वारा शब्द - तफ़सीर

قَالُوْا رَبَّنَآ اَمَتَّنَا اثْنَتَيْنِ وَاَحْيَيْتَنَا اثْنَتَيْنِ فَاعْتَرَفْنَا بِذُنُوْبِنَا فَهَلْ اِلٰى خُرُوْجٍ مِّنْ سَبِيْلٍ (غافر : ٤٠)

qālū
قَالُوا۟
They (will) say
वो कहेंगे
rabbanā
رَبَّنَآ
"Our Lord!
ऐ हमारे रब
amattanā
أَمَتَّنَا
You gave us death
मौत दी तू ने हमें
ith'natayni
ٱثْنَتَيْنِ
twice
दो बार
wa-aḥyaytanā
وَأَحْيَيْتَنَا
and You gave us life
और ज़िन्दगी बख़्शी तू ने हमें
ith'natayni
ٱثْنَتَيْنِ
twice
दो बार
fa-iʿ'tarafnā
فَٱعْتَرَفْنَا
and we confess
तो एतराफ़ कर लिया हमने
bidhunūbinā
بِذُنُوبِنَا
our sins
अपने गुनाहों का
fahal
فَهَلْ
So is (there)
तो क्या है
ilā
إِلَىٰ
to
तरफ़ निकलने के
khurūjin
خُرُوجٍ
get out
तरफ़ निकलने के
min
مِّن
any
कोई रास्ता
sabīlin
سَبِيلٍ
way?"
कोई रास्ता

Transliteration:

Qaaloo Rabbanaaa amat tanasnataini wa ahyaitanas nataini fa'tarafnaa bizunoo binaa fahal ilaa khuroojim min sabeel (QS. Ghāfir:11)

English Sahih International:

They will say, "Our Lord, You made us lifeless twice and gave us life twice, and we have confessed our sins. So is there to an exit any way?" (QS. Ghafir, Ayah ११)

Muhammad Faruq Khan Sultanpuri & Muhammad Ahmed:

वे कहेंगे, 'ऐ हमारे रब! तूने हमें दो बार मृत रखा और दो बार जीवन प्रदान किया। अब हमने अपने गुनाहों को स्वीकार किया, तो क्या अब (यहाँ से) निकलने का भी कोई मार्ग है?' (अल-गाफिर, आयत ११)

Suhel Farooq Khan/Saifur Rahman Nadwi

वह लोग कहेंगे कि ऐ हमारे परवरदिगार तू हमको दो बार मार चुका और दो बार ज़िन्दा कर चुका तो अब हम अपने गुनाहों का एक़रार करते हैं तो क्या (यहाँ से) निकलने की भी कोई सबील है

Azizul-Haqq Al-Umary

वे कहेंगेः हे हमारे पालनहार! तूने हमें दो बार मारा[1] तथा जीवित (भी) दो बार किया। अतः, हमने मान लिया अपने पापों को। तो क्या (यातना से) निकलने की कोई राह (उपाय) है?