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पवित्र कुरान सूरा स’आद आयत २

Qur'an Surah Sad Verse 2

स’आद [३८]: २ ~ कुरान अनुवाद शब्द द्वारा शब्द - तफ़सीर

بَلِ الَّذِيْنَ كَفَرُوْا فِيْ عِزَّةٍ وَّشِقَاقٍ (ص : ٣٨)

bali
بَلِ
Nay
बल्कि
alladhīna
ٱلَّذِينَ
those who
वो लोग जिन्होंने
kafarū
كَفَرُوا۟
disbelieve
कुफ़्र किया
فِى
(are) in
तकब्बुर में
ʿizzatin
عِزَّةٍ
self-glory
तकब्बुर में
washiqāqin
وَشِقَاقٍ
and opposition
और मुख़ालिफ़त में हैं

Transliteration:

Balil lazeena kafaroo fee 'izzatilnw wa shiqaaq (QS. Ṣād:2)

English Sahih International:

But those who disbelieve are in pride and dissension. (QS. Sad, Ayah २)

Muhammad Faruq Khan Sultanpuri & Muhammad Ahmed:

बल्कि जिन्होंने इनकार किया वे गर्व और विरोध में पड़े हुए है (स’आद, आयत २)

Suhel Farooq Khan/Saifur Rahman Nadwi

मगर ये कुफ्फ़ार (ख्वाहमख्वाह) तकब्बुर और अदावत में (पड़े अंधे हो रहें हैं)

Azizul-Haqq Al-Umary

बल्कि, जो काफ़िर हो गये, वे एक गर्व तथा विरोध में ग्रस्त हैं।